प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में कदम रखने के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और भाजपा द्वारा राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े किए जाने को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रियंका के कांग्रेस महासचिव की घोषणा कारण भाजपा में हड़कंप की स्थिति है। पार्टी ने यह भी कहा कि सुमित्रा महाजन को भाजपा के अंदरूनी मामलों को देखना चाहिए और उनकी नसीहत के बगैर कांग्रेस अच्छी तरह चल रही है और चलती रहेगी।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, ''प्रियंका गांधी वाड्रा को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति का महासचिव नियुक्त किया गया है, तबसे सबसे ज्यादा हड़कंप, सबसे ज्यादा बौखलाहट और सबसे ज्यादा गफलत भारतीय जनता पार्टी में है। सुमित्रा महाजन के बयान से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, '' हम बहुत विनम्रता से लोकसभा की अध्यक्षा जी को ये निदेवन करना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी के जो अंदरुनी मामले हैं, वह उन पर ध्यान दें। जहाँ तक कांग्रेस पार्टी का सवाल है तो कांग्रेस उनकी नसीहत के बगैर भी बहुत अच्छी तरह से चल रही थी और बहुत अच्छी तरह से चलती रहेगी।
सक्रिय राजनीति में प्रियंका गांधी के उतरने को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर एक तरह से सवाल उठाते हुए कहा, "प्रियंका अच्छी महिला हैं। मगर (पूर्वी उत्तरप्रदेश की प्रभारी कांग्रेस महासचिव के रूप में) उनकी नियुक्ति से यह बात भी सामने आती है कि राहुल ने एक प्रकार से स्वीकार कर लिया कि राजनीति करना उनके अकेले के बस की बात नहीं है।" उधर, भाजपा नेता मनोज सिन्हा ने कि प्रियंका की कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी के तौर पर नियुक्ति पर दिल्ली में गहमागहमी हो सकती है लेकिन इसे उस इलाके में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है जिस क्षेत्र का कांग्रेस पार्टी ने उन्हें प्रभार दिया है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने बुधवार को प्रियंका को महासचिव और प्रभारी (उत्तर प्रदेश-पूर्व) नियुक्त किया। इसके साथ ही प्रियंका का सक्रिय राजनीति में पदार्पण हो गया।