नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर डल झील पर बोट से सैर का लुत्फ उठाया. साथ ही मशहूर चारचिनार का भी दीदार किया. प्रधानमंत्री के झील की सैर का कार्यक्रम पहले से तय था. इसलिए झील के आसपास पहले से ही एहतियात के दौर पर सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि कोई परिंदा भी पर नहीं मार सके.
राज्य और स्थानीय प्रशासन ने पहले ही प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की थी. जिसके तहत 2 फरवरी दोपहर के बाद से ही डल झील के इलाके को सीलबंद रखा गया है. झील में बोट्स पर तैनात सुरक्षाकर्मी लगातार गश्त करते हुए नजर बनाए हुए थे.

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू में 700 बिस्तरों वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) समेत कई प्रोजेक्स की नींव रखी. केंद्र की तरफ से इसके निर्माण के लिए 750 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

इस दौरान मोदी ने कहा कि ये नया एम्स स्वास्थ्य सुविधाओं में बदलाव लाएंगा और इससे युवाओं को रोजगार के नए मौके भी मुहैया होगें. बता दें कि जम्मू के लोगों ने इलाके में एम्स की मांग को लेकर करीब दो महीने तक प्रदर्शन किया था. लोगों की इस मांग में नेशनल कान्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था.

साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू में आईआईएमसी के उत्तर क्षेत्रीय केंद्र की भी नींव रखी. जिसका निर्माण 16 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है. पीएम मोदी ने किश्तवाड़ में 624 मेगावाट की के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की भी नींव रखी.

पीएम मोदी ने श्रीनगर-आलुस्टेंग-द्रास-करगिल-लेह ट्रांसमिशन प्रणाली को भी राष्ट्र के नाम समर्पित किया. प्रधानमंत्री ने ही अगस्त 2014 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी. इसके अलावा उन्होंने सजवाल में चिनाब नदी पर डबल लेन ब्र‍िज की नींव रखी.