गलत ब्रा पहनने का अहसास किसी बुरे स्वप्न सरीखा हो सकता है। ये तब भी होता है जब आपने अपने कप साइज की ब्रा पहनी हो। दरअसल, हाल ही में किए गए एक शोध के मुताबिक महिलाओं को ब्रा चुनते वक्त कप साइज नहीं, बल्कि स्तनों के आकार पर ध्यान देना चाहिए और उन्हीं के आकार की ब्रा पहनना चाहिए।
अमूमन पारंपरिक माप के हिसाब ब्रा तैयार की जाती हैं। इनमें कप के साइज तय होते हैं। लेकिन लॉन्जरी कंपनी थर्ड लव ने एक नया प्रयोग किया। कंपनी ने ब्रेस्ट शेप (छाती के आकार) की एक डिक्शनरी यानी शब्दकोश तैयार की है। इसमें सबसे बढ़िया अंडरवियर चुनने की सलाह के साथ ब्रा के सात कॉमन आकार भी दर्ज किए गए हैं।
डेलीमेल की खबर के मुताबिक लॉन्जरी एक्सपर्ट बेकी जॉन, स्टाइलिस्ट नताली थियो और डेसिप्पी डॉट कॉम की तारा केवानाग डोसेट ने आकार के अनुसार ब्रा पहनने के टॉप टिप्स शेयर किए हैं।जिनकी सलाहनुसार ब्रेस्ट के फैट के अनुसार उन्हें न आंके, सही ब्रा चुनने के लिए स्तन के घनत्व का ज्ञान होना चाहिए। जैसे कि वे पूरी तरह गोल हैं या ऊपर से चपटे और नीचे पूरे हैं वगैरह-वगैरह। 
राउंड ब्रेस्ट के लिए जरूरी है कि ब्रा कप टॉप से बॉटम तक बराबर हों यानी ब्रेस्ट के घनत्व के आकार के हों। तभी आप कंफर्ट में रह पाएंगी। 
एसीमेंट्रिक ब्रेस्ट हैं यानी एक ब्रेस्ट दूसरे से छोटा या बड़ा है तो ये मामूली फर्क तब दुखदायी साबित होता जाता है जब ब्रा फिटिंग की न हो। ऐसे में ब्रा खरीदते वक्त इस बात का भी ख्याल रखा जाना चाहिए।
साइड सेट ब्रेस्ट यानी ब्रेस्ट के बीच में काफी जगह हो तो ऐसी ब्रा खरीदें।
जिन लोगों के ब्रेस्ट ऊपर की ओर से स्लिम और बॉटम में फुल होते हैं उन्हें बेल शेप कहते हैं। ऐसे में बेल शेप की ब्रा खरीदना चाहिए।
छोटे और सपाट ब्रेस्ट के लिए स्लेंडर ब्रा ठीक होगी।
निप्पल अगर बाहर की ओर हों तो ईस्ट-वेस्ट ब्रा पहनी चाहिए।
ऊपर की ओर ब्रेस्ट पूरी तरह फुल न हों तो टियरड्रॉप ब्रा एकदम फिट रहेगी।