नई दिल्ली: देश में आर्थिक सुस्ती के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने शुक्रवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, शेयर बाजार में कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज नहीं होगा. इसके साथ ही एफपीआई को सरचार्ज से छुटकारा मिलेगा. अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कराधान के उपाय किए गए हैं. वित्तमंत्री ने कहा, शेयर बाजार में कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज नहीं होगा. एफपीआई को सरचार्ज से छुटकारा मिलेगा. सरकार बैंकों के लिए 70 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं. एफपीआई पर सरचार्ज हटाने की मांग बजट के बाद से ही की जा रही थी.

वित्त मंत्री ने आने वाले दिनों में कुछ अहम फैसलों के बारे में ऐलान किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा, विजयदशमी से आईटी स्क्रूटनी फेसलेस होगी. इसके अलावा स्टार्टअप से एंजेल टैक्स हटाने का फैसला किया गया.

वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें
हाउसिंग फाइनेंस बैंक को 20 हजार करोड़ रुपए और दिए गए हैं. एमएसएमई का सारा जीएसटी रिफंड 60 दिन में वापस करना होगा.

बैंक ऑटो और होम लोन सस्ता करने पर राजी हैं.
एमएसएमई की रिटर्न की अवधि 30 दि की गई है.
लोन मंजूरी की ऑनलाइन ट्रेकिंग की जा सकेगी.
एनबीएफसी आधार से केवाईसी कर सकेंगे.
नए सिस्टम से लाेन मिलने में आसानी होगी.
एमएसएमई की नई और एक ही परिभाषा होगी.
सरकार की तरफ से पेमेंट में देरी नहीं होगी.
जीएसटी रिटर्न और रिफंड आसान किया जाएगा.
घरेलू निवेशकों पर भी सरचार्ज नहीं है.
पीएसयू बैंकों को 70 हजार करोड़ की राशि तुरंत दी जाएगी.
हाउसिंग, इन्फ्रा के लिए क्रेडिट संस्था.

ऑटो सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान
वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा, 2020 तक बीएस4 गाड़ियां चलती रहेंगी.
स्क्रेपेज को लेकर जल्द कैबिनेट को मिलेगी मंजूरी.
सरकारी विभाग नई गाड़ियां खरीद सकेंगे.


वित्त मंत्री ने कहा, 2019 में ग्लोबल ग्रोथ 3.2 फीसदी से नीचे रह सकती है. उन्होंने कहा, अब भी हमारी विकास दर अमेरिका और चीन से अच्छी है. अमेरिका और चीन में मंदी का असर है. इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है. भारत में कारोबार करना आसान हुआ है. हम लगातार व्यापार को आसान कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा, सभी मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं.


वित्त मंत्री ने कहा, भारत में टैक्स सुधार हुआ है. जीएसटी फाइलिंग को आसान बनाया जा रहा है. देश की अर्थव्यवस्था बेहतर हालात में है. हमें वैश्विक मंदी से सीखने की जरूरत है. 2019 में दुनिया की विकास दर कम कम रह सकती है. अर्थव्यवस्था में सुधार सरकार के एजेंडे में है.

ट्रेड वॉर से नुकसान
अमेरिका जर्मनी में मंदी से अर्थव्यवस्था पर असर हुआ है. इसके अलावा चीन और अमेरिका जैसे देशों में ट्रेड वॉर से भी विकास दर प्रभावित हुई है.

दरअसल बजट में दौलतमंद आयकरदाताओं पर सरचार्ज में बढ़ोतरी का असर बाजार पर बना हुआ है, क्योंकि इसके बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली का लगातार दबाव बना रहा है. सरकार ने इस दिशा में राहत प्रदान करने के संकेत दिए हैं.