5 और 6 मई को सरकार ने दिए थे टारगेट, बड़े जिलों में इंदौर 90% के साथ टॉप पर

बरहानुपर  राज्य सरकार ने 5 और 6 मई को वैक्सीनेशन का हर जिले को टारगेट दिया था। भास्कर की पड़ताल में यह निकल कर आया कि प्रदेश के बड़े जिलों की अपेक्षा छोटे जिले वैक्सीनेशन में बहुत आगे हैं। इतना ही नहीं, इन जिलों से कोराेना को काबू करने के बारे में बड़े जिलों को भी सीखना चाहिए। प्रदेश में बुरहापुर एक मात्र जिला है जिसने सरकार द्वारा दिए गए टारगेट से भी 10% ज्यादा वैक्सीनेशन कर रिकार्ड बनाया। यही वह जिला है जहां संक्रमण दर का साप्ताहिक औसत मात्र 3% है। बड़े शहरों में इंदौर ही एकमात्र ऐसा है जहां 90% वैक्सीनेशन हुआ।

बरहानुपर प्रदेश के 8 उन जिलों में शामिल है, जहां कोरोना से सबसे कम मौतें हुई हैं। बुरहानपुर में अभी तक 35 मौंते हो चुकी है। इससे कम मौतें आगर मालवा में 25,अशोकनगर 21, भिंड में 13, डिंडौरी में 17, मंडला में 16, पन्ना में 26, सिवनी में 22 मौतें हुई हैं।

ऐसे कर दिखाया बुरहानपुर ने

महाराष्ट्र सीमा से लगे बुरहानपुर में 110% वैक्सीनेशन हुआ है। इसकी वजह मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर वैक्सीनेशन कैंप लगाए। ग्लूकोज सहित चाय-पानी की व्यवस्था सामाजिक संगठनों से कराई। जिला प्रशासन के अनुसार वैक्सीनेशन में प्रगति को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अफसर-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि व समाजसेवी लोगों से सुझाव लिए गए। ऐसे स्थानों को चिन्हित किया, जहां वैक्सीनेशन को लेकर लोगों में जागरूकता है और वहां कैंप लगाकर वैक्सीनेशन किया गया। वैक्सीनेशन से जुड़ी अफवाहों को लेकर लोगों के मन से डर व भय खत्म किया। 98 हजार लोगों को टीका लग चुका है। इनमें से 19 हजार से ज्यादा को दूसरा डोज लग चुका है।

सीएम ने 10 लाख का दावा किया था

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैक्सीन को लेकर एक दिन पहले ही बयान दिया था कि इस माह में 10 लाख से ज्यादा वैक्सीन लगाएंगे। डेढ़ लाख डोज हमारे पास हैं और 9 लाख और आने हैं। बाकी डोज के ऑर्डर दे दिए हैं। हम कोविशील्ड और कोवैक्सीन की सप्लाई के लिए कंपनियों और केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। जितना जल्दी हो सकेंगे उतनी जल्दी लाने का प्रयास करेंगे।

दूसरी तरफ सरकार के 5 व 6 मई को दिए वैक्सीनेशन के टारगेट का 46% ही पूरा हो पाया। इन दो दिनों में सभी जिलों में 4 लाख 81 हजार 740 लोगों को वैक्सीन लगाने का टारगेट दिया गया था। 2 लाख 23 हजार 140 लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। यह स्थिति तब है, जब प्रदेश में 18 से 45 साल तक के 3 करोड़ 52 लाख लोगों को वैक्सीन लगना है। यदि वैक्सीन की यही रफ्तार रही तो कई महीनों तक अभियान जारी रखना पड़ेगा। बता दें कि मध्य प्रदेश में 80 लाख 3 हजार लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इसमें से 71 लाख 51 हजार लोगों को पहला और 13 लाख 56 हजार लोगों को दूसरा डोज लगा है।

20 जिलों में 50% या उससे ज्यादा वैक्सीनेशन, भोपाल 14वें नंबर पर

प्रदेश के 52 में से 20 जिलों ने ही वैक्सीनेशन के टारगेट का 50% तक पूरा किया। इन 20 जिलों में सिर्फ दो बड़े जिले शामिल हैं। पहला इंदौर जिसने टारगेट का 90% पूरा किया। दूसरा जिला भोपाल है, जो 14वें नंबर पर है जिसने 59% वैक्सीनेशन किया।


वैक्सीनेशन में भी छोटे जिले आगे

बुरहानपुर के अलावा छिंदवाड़ा, खंडवा और अशोकनगर ने वैक्सीनेशन के लिए बेहतर प्रयास किए हैं। ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन जैसे बड़े जिले जहां कोरोना की दूसरी लहर ने कहर ढहाया, लेकिन बावजूद इसके वैक्सीनेशन में पीछे रहे।

फिसड्‌डी जिले : पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, अलीराजपुरअनूपपुर, डिंडौरी, उमरिया, मंडला, रीवा व गुना।
टारगेट का 25 से 40% तक पूरा किया : सागर, टीकमगढ़, मुरैना, हरदा, दमोह, बालाघाट, विदिशा, भिंड, छतरपुर, श्योपुर।