बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए क्या है सेबी की तैयारी, पांडे बोले अनुपालन का बोझ करना होगा कम
सेबी और राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान ने आईआईएम मुंबई, महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, मुंबई और एनएसई के सहयोग से प्रतिभूति बाजार के छठे वार्षिक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। यहां सेबी चैयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संवाददातओं को जानकारी देते हुए बताया कि, अनुपालन की ऊंची लागत देश की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त में बाधा डाल सकती है। इसलिए हमारे सभी उपायों की दक्षता, लागत दक्षता महत्वपूर्ण है।
प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए क्या कर रहा सेबी?
उन्होंने कहा कि अगर आपकों प्रतिस्पर्धात्मकता का निर्माण करना है, तो नियमों के अनुपालन का बोझ कम करना होगा, नहीं तो इसकी गति कम हो जाती है। इसलिए नियामक भारतीय प्रतिभूति बाजार की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए अनुपालन के बोझ और विनियामक लागत को कम करने पर ध्यान दे रहा है। पांडे ने कहा इन कोशिशों से देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका अनुमान लगाना संभव नहीं है। लेकिन पूंजी की लागत को कम करना हमारी प्राथमिकता बना हुआ है।
विनियामक प्रभाव आकलन के लिए एक ढांचा हो रहा तैयार
उन्होंने बताया बाजार नियामक वर्तमान में विनियामक प्रभाव आकलन के लिए एक ढांचा तैयार कर रहा है।इसका संकेत केंद्रीय बजट में भी दिया गया है।सरकार की इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए सेबी एक नियामक अध्ययन केंद्र शुरू कर रहा है।सेबी अध्यक्ष ने बताया कि यह एक उच्च स्तरीय केंद्र होगा जो लगातार काम करेगा और रिसर्च में सहायता करेगा।इस पहल से नीति निर्माण संस्थाओं और अनुसंधानों को यह समझने में मदद होगी कि नियमन बाजार को कैसे प्रभावित करते हैं, क्योंकि नियमों पर सदैव एक अंतर्निहित खर्च होता है।
सेबी किन-किन कारकों पर कर रहा विचार?
उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर एक वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद स्तर पर चर्चा होती है। उन्होंने इस पर जानकारी देते हुए बताया कि, मुझे लगता है यह पूरी एक प्रक्रिया है और विकास परिषद के जरिए अंतर नियामक निकायों का समन्वय स्थापित किया जाता है। साथ ही डेटा एकत्र करना, अनुसंधान को बढ़ावा देने और पहुंच में सुधार लाने व इसकी लागत को कम करने के तरिकों पर विचार किया जा रहा है। पांडे ने बताया कि सेबी एक ऐसी प्रणाली विकसित करने पर भी काम कर रहा है, जिसमें निवेशकों को विभिन्न नियामकों के तहत सभी वित्तीय परिसंपत्तियों का विवरण प्राप्त कर सकेंगे, जिसमें पेंशन और बीमा उत्पाद भी शामिल है।

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