नौरादेही टाइगर रिजर्व में मिला मरा हुआ बाघ, दो दिन से एक ही जगह मिल रही थी लोकेशन
सागर: वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिज़र्व में बाघ की मौत का मामला सामने आया है. गौरतलब है कि यह बाघ एक महीने पहले ही कान्हा से नौरादेही भेजा गया था और इसे टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में छोड़ा गया था. इस बाघ का कल शाम को मानेगांव बीट में शव मिला है. इस बाघ को 18-19 जनवरी की रात में रेडियो कॉलर लगाकर टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में छोड़ा गया था और उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी. पिछले दो दिनों से बाघ की एक ही जगह लोकेशन मिलने पर टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने जाकर देखा, तो बाघ मारा हुआ मिला.
एक ही जगह मिल रही थी लोकेशन
नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि 15 फरवरी 2026 को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया के मोहाली परिक्षेत्र के मानेगांव बीट के कक्ष क्रमांक 159 में शाम 5:30 बजे बाघ का शव मिला. इस बाघ को 18 - 19 जनवरी की दरमियानी रात को रेडियो कॉलर लगाकर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में छोड़ा गया था. तब से ही मॉनिटरिंग दल उसकी लगातार मॉनीटरिंग कर रहा था. विगत दो दिवसों से उस बाघ की लोकेशन एक जगह ही आ रही थी. अतः मॉनिटरिंग दल को चिंता हुई और उसने नजदीक जाकर देखा तो उन्हें बाघ मृत मिला. अंधेरा हो जाने के कारण डॉग स्क्वायड से सर्च, अन्य अन्वेषण एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल के अनुरूप पोस्टमार्टम आज 16 फरवरी को प्रातः किया जा रहा."
कान्हा से लाया गया था बाघ
टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि "यह बाघ मूल रूप से पेंच टाइगर रिजर्व का था, जो अप्रैल 2023 में महज चार महीने की उम्र में अपनी मां से बिछड़ गया था. कई दिनों तक इसको इसकी मां से मिलाने की कोशिश की गई, लेकिन नाकाम रहने के बाद इसे कान्हा टाइगर रिजर्व भेजा गया और वहां पर इसे शिकार और जंगल में घूमने का प्रशिक्षण दिया गया. पिछले 18 जनवरी को इस बाघ को नवरादेही टाइगर रिजर्व भेजा गया था. बाघ की सुरक्षा के मद्देनजर इसे रेडियो कॉलर पहनाया गया था और हमारी टीम द्वारा बाकायदा हाउस पर नजर रखी जा रही थी. लेकिन दो दिन से जब उसकी एक ही जगह लोकेशन पाई गयी, तो हमें शक हुआ और हमने जाकर देखा, तो बाघ मृत पाया गया है. आज सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद इसकी मौत की वजह पता चलेगी."

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