18 या 19 फरवरी कब शुरू हो रहा माह-ए-रमजान, यहां देखें दिल्ली में सेहरी और इफ्तार का समय
मुस्लिम धर्म में सबसे पाक और पवित्र महीना रमजान माना जाता है. यह मुकद्दस महीना एक बार फिर दस्तक देने जा रहा है. इस साल रमजान के 18 या 19 फरवरी 2026 से शुरू होने की संभावना है. हालांकि, रमजान की शुरुआत चांद दिखाई देने पर निर्भर करती है, इसलिए अंतिम तिथि चाँद के दीदार के बाद ही तय होगी.
रमजान इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना होता है. इस पूरे महीने 30 दिनों तक रोजा रखा जाता है. रोज़े की शुरुआत सुबह सहरी (सेहरी) से होती है और शाम को सूर्यास्त के समय इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है. इसके साथ ही पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है और रात में खास नमाज़ तरावीह पढ़ी जाती है. इस पवित्र महीने में रोज़ा, दुआ, इबादत और गरीब-जरूरतमंदों की मदद करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस महीने में किए गए नेक कामों का सवाब 70 गुना तक बढ़ जाता है.
रोजे का महत्व और इतिहास
इस्लामी मान्यता के अनुसार, पवित्र ग्रंथ कुरआन की पहली वह़ी (ईश्वरीय संदेश) रमजान के महीने में नाज़िल हुई थी. यह घटना सऊदी अरब के मक्का शहर के पास स्थित गार-ए-हिरा में हुई मानी जाती है. इसी कारण रमजान को “शहर-ए-क़ुरआन” भी कहा जाता है.

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