Ambikapur News: मंदिर के प्रसाद की जांच में बड़ा खुलासा, सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल
अंबिकापुर| प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के प्रसाद को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने स्थित दुकानों से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा लिए गए मोतीचूर लड्डू के सैंपल सरकारी प्रयोगशाला की जांच में पूरी तरह से फेल पाए गए हैं।
मां महामाया मंदिर के प्रसाद में केमिकल की मिलावट
भोपाल की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला 'सीडियस एनालिटिकल एंड रिसर्च सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड' की आधिकारिक जांच रिपोर्ट में इस महाप्रसाद को इंसानी सेहत के लिए सीधे तौर पर असुरक्षित और हानिकारक घोषित किया गया है। रासायनिक विश्लेषण की रिपोर्ट में यह हैरान करने वाला खुलासा हुआ है कि लड्डू को मीठा करने के लिए प्राकृतिक शक्कर के बजाय भारी मात्रा में प्रतिबंधित और कृत्रिम स्वीटनर 'एसपार्टेम' का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, लड्डुओं को और अधिक आकर्षक व चमकीला पीला-नारंगी रंग देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिंथेटिक फूड कलर 'सनसेट येलो' की मात्रा भी सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षित मानकों से कई गुना ज्यादा पाई गई है।
चिकित्सा और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन दोनों ही रसायनों का तय सीमा से अधिक और अनियंत्रित उपयोग मानव शरीर के आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इनके लगातार सेवन से कैंसर जैसी जानलेवा और लाइलाज बीमारी होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। गुरुवार को इस गंभीर रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए मौके पर दोबारा सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मंदिर के सामने लाइन से लगी अन्य सभी छोटी-बड़ी प्रसाद और मिठाई की दुकानों से भी नए सैंपल एकत्र किए गए हैं।
लड्डू में एसपार्टेम और कृत्रिम रंग की मात्रा मानकों से कहीं अधिक
खाद्य सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ दिनों पहले मंदिर के ठीक सामने स्थित 'आनंद पूजा भंडार' से बूंदी के लड्डू का रैंडम सैंपल लिया गया था। सरकारी लैब में हुई गहन रासायनिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि लागत कम करने और मिठास बढ़ाने के लिए असली चीनी की जगह सिंथेटिक विकल्प एसपार्टेम को मिलाया गया था, जो कि खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है।
दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी (डीओ) ने कहा, “महामाया मंदिर परिसर के सामने संचालित आनंद पूजा भंडार से जब्त किए गए लड्डू की जो सरकारी लैब रिपोर्ट प्राप्त हुई है, उसमें एसपार्टेम और सनसेट येलो कलर की मौजूदगी तय गाइडलाइन से काफी ज्यादा मिली है। यह आम जनता और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है और अत्यंत हानिकारक है। इस गंभीर रिपोर्ट को आधार बनाकर संबंधित दुकानदार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम (FSSAI) की कड़ी धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एहतियात के तौर पर पूरे मंदिर क्षेत्र की अन्य दुकानों में भी सघन सैंपलिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके।”

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