भोपाल।प्रदेश के सभी जिला खनिज कार्यालयों को अब हर माह की पांच तारीख तक अपने मासिक मूल्यांकन कार्यों की रिपोर्ट खनिज संचालनालय को भेजना होगी। इस संबंध में खनिज विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिये हैं। दरअसल गत 4 जनवरी को सीएम शिवराज द्वारा भोपाल से हुई कलेक्टर-कमिश्नर कान्फ्रेन्स में हिदायत दी थी कि प्रत्येक विभाग द्वारा उनके जिला स्तर पर कार्यालयों द्वारा किये जा रहे कार्यों का प्रति माह मूल्यांकन किया जायेगा। इसी हिदायत पर खनिज विभाग ने मूल्यांकन हेतु मापदण्ड निर्धारित किये हैं। इन मापदण्डों के लिये छह प्रकार के फार्म बनाये गये हैं जिन्हें हर जिला खनिज कार्यालये को भरकर भेजना है। इसके आधार पर जिला खनिज कार्यालयों की रैंकिंग तय की जायेगी।

 

ये हैं छह फार्म :
एक, खनिज राजस्व के संबंध में बताना होगा कि माह में कितना लक्ष्य था और कितना प्राप्त किया एवं गत वर्ष इसी माह से कितना अधिक राजस्व प्रतिशत के रुप में प्राप्त किया।दो, मुख्य खनिज के कर निर्धारण के संबंध में बताना होगा कि स्वीकृत खनिपट्टों की संख्या कितनी थी, इनमें कितनों में कर निर्धारण किया गया और स्वीकृत खनिपट्टों की तुलना में किये गये कर निर्धारण का कितना प्रतिशत है। तीन, गौण खनिज के कर निर्धारण के संबंध में जानकारी देनी होगी कि स्वीकृत खनिपट्टों की कितनी संख्या है, कितनों में कर निर्धारण किया गया और स्वीकृत पट्टों की तुलना में कर निर्धारण का प्रतिशत कितना था।चार, बकाया वसूली के संबंध में जानकारी देनी होगी कि 1 अप्रैल 2020 की स्थिति में कुल बकाया राशि कितनी थी, कितनी बकाया राशि वसूल की एवं कुल बकाया से वसूली का प्रतिशत कितना है। पांच, खनि रियायत आवेदन के संबंध में बताना होगा कि मार्बल व ग्रेनाईट के पूर्वेक्षण, खनन पट्टा, परिवहन एवं व्यापारिक अनुज्ञा के कितने आवेदन आये, कितनों का निराकरण किया गया तथा इसका प्रतिशत कितना है।छह, अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण के संबंध में जानकारी देनी होगी कि कितने प्रकरण दर्ज किये, इनमें से कितने प्रकरण निपटाये गये एवं निराकृत प्रकरणों का प्रतिशत कितना है।