त्रिकोणासन 
- इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर मैट बिछाए।
- उसके बाद अपने दोनों पैरों को दूरी पर फैलाएं।
- अपने बाएं पैर के पंजों को बाहरी की ओर करें।
- अपने शरीर का भाग दोनों पैरों पर बराबर रखते हुए गहरी सांस लें।
- अब धीरे-धीरे एक हाथ को जमीन पर या अपने पैर पर लगाएं और दूसरे हाथ को ऊपर की तरफ सीधा करें।
- अपने सिर को ऊपर की ओर रखते हुए आसमान की तरफ देखे।
- अब थोड़ी देर इस अवस्था में रहने के बाद गहरी सांस लेते हुए सही अवस्था में आ जाएं।
- उसके बाद इस आसन को दूसरे पैर की ओर से भी करें। 

 

वीरभद्रआसन 
- सबसे पहले जमीन पर मैट बिछाकर खड़े हो जाए। 
- अब अपने एक पैर को आगे की तरफ और दूसरे को पीछे की ओर रखें।
- दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाकर हाथों को जोड़ लें। 
- 30 से 60 सेकेंड इस आसन को करने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। 
- साथ ही दूसरे पैर से भी ऐसा करें। 

 

पर्वतासन 
- सबसे पहले खुली जगह पर मैट बिछाकर बैठ जाएं।
- अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें।
- अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर जोड़ें।
- फिर गहरी सांस लें।
- इस स्थिति में 1-2 मिनट तक रहने के बाद सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे की ओर लें आएं। 
- इस आसन को 10-15 मिनट कर जरूर करें। 

 

इन आसन को करने से मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूती मिलती है। कमर, गर्दन का दर्द दूर होता है। शरीर में सुस्ती व फुर्ती आती है। साथ ही तनाव कम होने में मदद मिलती है। 

ध्यान दें, इस समय महिला को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इसलिए योगा भी घर के किसी सदस्य की देखरेख में ही करें।