नई दिल्ली कोरोना की तीसरी लहर कब आ सकती है? इसको लेकर एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने अहम बात कही है। एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को कहा है कि अगले 6 से 8 हफ्ते में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। उन्होंने चेताया है कि अगर लोगों ने मास्क और सोशल डिस्टेन्सिंग जैसे जरुरी गाइडलाइन को फॉलो नहीं किया तब काफी मुश्किल हालात पैदा हो सकते हैं। एम्स के निदेशक ने कहा है कि कोरोना के केस बढ़ने पर सर्विलांस और जिस क्षेत्र में केस बढ़ते हैं उसकी पहचान कर वहां लॉकडाउन लगाने की भी जरुरत पड़ सकती है। रणदीप गुलेरिया ने कहा कि 'अगर कोरोना से जुड़े गाइडलाइंन को फॉलो नहीं किया गया तो तीसरी लहर 6-8 हफ्तों में आ सकती है। जरुरत है कि वैक्सीनेशन होने तक हम आक्रामक रूप से अपनी जंग को जारी रखें।'

एम्स के निदेशक ने कहा है कि अगर किसी क्षेत्र में कोरोना संक्रमण का दर 5 प्रतिशत से ऊपर जाता है तो वहां लॉकडाउन लगाने यहा उस क्षेत्र को कैन्टोन्मेंट जोन घोषित करने जैसे जरुरी कदम उठाना चाहिए। एम्स के निदेशक ने यह भी कहा है कि आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कोरोना की किसी भी लहर से निपटने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लगाना कोई उपाय नहीं है। बता दें कि कोविड-19 की दूसरी लहर ने अप्रैल और मई के महीने में देश को बुरी तरह से प्रभावित किया था। दावा किया गया था कोविड की वजह से हर रोज कई लोगों की जान चली गई। कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी होने की बात भी कही गई थी। 

हालांकि, पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केसों में कमी दर्ज की गई है। जहां हर रोज कोरोना के 4 लाख केस आ रहे थे वहीं पिछले कुछ दिनों से यह दर 60,000 के आसपास पहुंच गया है। शनिवार को देश में 60,753 नए कोविड-19 केस दर्ज किये गये। इसके अलावा 1,647 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई है।

आपको बता दें कि कोरोना केस की दर में कमी आने के बाद कई राज्यों में लॉकडाउन में ढिलाई दी गई है। कुछ जगहों पर लोगों की भीड़ भी देखी जा रही है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी शुक्रवार को कहा था कि यदि लोगों ने साफ-सफाई कायम रखने और मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं किया तो कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका है।