वडोदरा: गुजरात के वडोदरा-हालोल राजमार्ग पर बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक लग्जरी बस और ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में छह यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह दुर्घटना में करीब 20 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा कोटंबी गांव के पास सुबह करीब 4 बजे उस वक्त हुआ, जब राजस्थान से गुजरात के सूरत जा रही एक तेज रफ्तार लग्जरी बस ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

खड़े ट्रक में बस ने मारी जोरदार टक्कर

वडोदरा जिला पुलिस अधीक्षक सुशील अग्रवाल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि राजमार्ग पर एक ट्रक किनारे खड़ा था और उसका चालक नीचे उतरकर टायर का प्रेशर चेक कर रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार लग्जरी बस के चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त और भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक गया और मलबे में तब्दील हो गया। इस हादसे में छह अभागे यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चीख-पुकार के बीच करीब 20 यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि बस में सवार अधिकांश यात्री राजस्थान के रहने वाले थे, जो रोजगार या अन्य कार्यों के सिलसिले में सूरत जा रहे थे।

एनडीआरएफ और पुलिस का संयुक्त राहत अभियान

घटना की सूचना मिलते ही जारोद थाना पुलिस की टीम एम्बुलेंस के साथ तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकालने का काम शुरू किया। बस की हालत इतनी खराब थी कि उसके हिस्सों को काटकर यात्रियों को बाहर निकालना पड़ रहा था, जिसके चलते तुरंत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की विशेष टीमों को बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। एनडीआरएफ के जवानों और पुलिसकर्मियों ने कटर की मदद से बस की बॉडी को काटकर अंदर फंसे घायलों को सुरक्षित निकाला और तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।

हादसे के कारणों की पड़ताल में जुटी पुलिस

पुलिस अधीक्षक सुशील अग्रवाल ने बताया कि इस दर्दनाक हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की गहन कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की एक विशेष टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह हादसा बस चालक को झपकी आने की वजह से हुआ, उसकी अत्यधिक लापरवाही का नतीजा था या फिर इसके पीछे कोई और तकनीकी खराबी वजह रही। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन और पुलिस मृतकों व अस्पताल में भर्ती घायलों की पहचान स्थापित कर राजस्थान में मौजूद उनके परिजनों से संपर्क साधने और उन्हें सूचित करने का प्रयास कर रही है।